💔🥀 सोचता हूँ ख़ुद से मिलूँ किसी दिन, फिर सोचता हूँ क्या कहूँगा, कहा था इतने दिन। जो बात दिल में थी, लब तक आ न सकी, वो बात पूछेगा मुझसे मेरा गुज़रा हुआ दिन। आईने के सामने खड़ा रहा देर तक, चेहरा तो मेरा था, पर अजनबी था वो दिन। कुछ ख़्वाब आँखों में अब भी ठहरे हुए…
मोहब्बत-ए-क़िस्सा 🔥
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💔🥀 वक़्त कम मिला साथ वक़्त बिताने को, फिर एक जन्म लेंगे तुमसे मुकम्मल इश्क़ फ़रमाने को। इस जन्म की मोहब्बत अधूरी ही सही, रखेंगे तेरा नाम हर साँस में सजाने को। कुछ ख़्वाब तेरे थे, कुछ मेरे थे मगर, रात कम पड़ गई उन्हें हक़ीक़त बनाने को। तेरी आँखों में जो सुकून म…
💔🥀 तुमसे मोहब्बत में हार करके... भर गया है दिल प्यार करके... तुम्हें तो दिल का हर कोना दिखाया था, अच्छा नहीं किया हर कोने पे वार करके... अब किससे कहें दर्द-ए-दिल अपना, जब तुम ही गए हो इनकार करके... तेरी यादों से भी रिश्ता निभाते हैं, बैठे हैं तन्हा ख़ुद को बेक…
💔🥀 मंदिर जाके बिना माथा... टेके लौट आया हूँ, मैं अपनी दुआ वापस... लेके लौट आया हूँ। बदनसीब क्या होता है... मुझे मत पूछिए, उसकी गली गया और उसे बिना... देखे लौट आया हूँ। सोचा था आज उसके दर पे... सजदा करूँगा, मगर अपनी ही नज़रें... झुका के लौट आया हूँ। दिल में हजा…
💔🥀 अब मैं नशों में गुमसुम रहता हूँ, वो शरारती-सा लड़का बहुत बदल गया है। हर एक ख़्वाब की मिट्टी बिखर गई राहों में, उम्मीद का भी चेहरा बहुत बदल गया है। जो हँस के टाल देता था दर्द की हर बात, वो आज ख़ुद से मिलता, बहुत संभल गया है। कभी जो धूप में भी गुनगुनाया करता…
बंद कमरों में ख़ुद में एक लाश को दफ़नाया है, मुझसे यूँ ही ख़ुश रहने की वजह न पूछा करो। हर हँसी के पीछे इक समंदर छुपा बैठा हूँ, मेरी आँखों से दिल का सिलसिला न पूछा करो। ज़ख़्म ऐसे हैं जिन्हें वक़्त भी भर न पाया है, कौन अपना था, किसने क्या किया, न पूछा करो। रात…
किसी ने क्या खूब कहा है कि, आज की हकीकत यहीं है, सुन लिए तो सुलझ गए मसले और सुना दिए तो उलझ गए रिश्ते...!! 😌🥀💔😊
💔🥀 लड़के आशिकी सीखते थे छाँव में मेरे, अब भी धूप ठहर जाती है गाँव में मेरे। मैंने किरदार की दौलत कभी बेची ही नहीं, लोग बिकते ही रहे हर दाँव में मेरे। सर झुकाना मेरी फ़ितरत में कभी शामिल न था, इश्क़ ने ला के बिठा डाला पाँव में तेरे। मैंने ठोकर को भी सीने से लगा…
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