Chela Ram Raika Asst. Prof. Hindi

频道
@chelaramraika · 教育 · 🇮🇳 印度 · 印地语

Chela Ram Raika Asst. Professor Hindi 🌹जीवन संभावनाओं को पकड़ने का दीर्घ प्रयास है......... अज्ञेय

广告 B
最近同步 3 小时前
收录于 2026-09-27
订阅数 363 7 日 0 · 30 日 +1
30 天平均曝光 240 近 24h 100
互动率(ERR) 27.5% 7 天发帖 4
广告投放评级 B Ads Index 60

订阅数趋势

10-03 10:57 → 10-20 23:12 · 区间变化 +2

最低 361 最高 363 3 个采样点

近 30 天曝光

每日帖子浏览总量

暂无曝光数据

每日指标任务运行后生成。

互动与广告

近 30 天帖子聚合

平均反应
1.5
平均评论
0.3
平均转发
0.7
广告帖子(30 天)
0
广告占比
0.0%
被提及(30 天)
0

榜单位置

各窗口最近一次榜单

全部榜单 →

暂未进入榜单

频道进入榜单池并满足数据条件后会显示名次。

最近帖子

按发布时间倒序,最多展示 8 条

在 Telegram 查看 →

(无文本内容)

2026-10-29 15:53 👁 71 👍 1 💬 0 ↗ 0

व्याकरण और साहित्य की प्रैक्टिस के लिए यह पुस्तकें उपयुक्त हो सकती है। वैसे प्रैक्टिस का सबसे अच्छा माध्यम तो पुराने पेपर है, उन्हें अवश्य हल करें जिससे प्रश्नों की प्रकृति और rpsc का ट्रेंड समझ में आ सके। इस बार उम्मीद करते हैं कि GK वाला पेपर इतना कठिन नहीं…

2026-10-27 20:42 👁 111 👍 1 💬 0 ↗ 0

(无文本内容)

2026-10-27 20:42 👁 111 👍 0 💬 0 ↗ 0

वरिष्ठ अध्यापक भर्ती जल्द आएगी। सभी साथी इस समय का उपयोग गहन अध्ययन करें।

2026-10-27 20:35 👁 108 👍 2 💬 0 ↗ 0

चाहता तो बच सकता था मगर कैसे बच सकता था जो बचेगा कैसे रचेगा पहले मैं झुलसा फिर धधका चिटखने लगा कराह सकता था मगर कैसे कराह सकता था जो कराहेगा कैसे निबाहेगा न यह शहादत थी न यह उत्सर्ग था न यह आत्मपीड़न था न यह सज़ा थी तब क्या था यह किसी के मत्थे मढ़ सकता था मगर…

2026-10-22 00:41 👁 210 👍 3 💬 0 ↗ 2

छिप-छिप अश्रु बहाने वालों.....। गोपालदास "नीरज" छिप-छिप अश्रु बहाने वालों, मोती व्यर्थ बहाने वालों कुछ सपनों के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है। सपना क्या है, नयन सेज पर सोया हुआ आँख का पानी और टूटना है उसका ज्यों जागे कच्ची नींद जवानी गीली उमर बनाने वालों,…

2026-10-19 23:32 👁 241 👍 15 💬 0 ↗ 2

दर्द देंगे वो सिसकियाँ देंगे। हम हैं काग़ज़ वो क़ैंचियाँ देंगे। जुगनुओं ने शराब पी ली है, अब ये सूरज को गालियाँ देंगे। आप जो बैठने नहीं देते, आप इक रोज़ कुर्सियाँ देंगे। विष्णु विराट

2026-10-16 14:46 👁 309 👍 5 💬 0 ↗ 2

निराला को याद करना एक ऐसे कवि को याद करना है जिसने कविता को किसी अनुशासन का दास नहीं रहने दिया, न छंद का, न रूढ़ि का, न सफलता का। उन्होंने अपने जीवन में पराजय, अभाव और शोक को जितने निकट से जाना, उतने ही निर्भय होकर कविता में उसे सौंदर्य और प्रतिरोध दोनों में ब…

2026-10-16 14:40 👁 285 👍 1 💬 0 ↗ 0

相似频道

基于 Telegram 官方相似频道推荐

暂无相似频道

等待相似频道抓取任务运行。